आजकी प्रतिमा
सुस्वागतम्
श्रीअगस्ति मंदिर यह भक्तों के लाडले
भगवान हैं। श्रीमंत अगस्ति मंदिर को पुणे शहर के गौरव का उच्चतम स्थान माना जाता है। हर साल
भारत भर के और देश विदेशों के अनगिनत भक्त इस भगवान के दर्शन पाने के लिये आते हैं।
श्री अगस्ति मंदिर यह मंदिर भक्तों के आदर और भक्ती का स्थान तो है ही, पर इतना ही नहीं,
बल्कि समाज-सेवा और संस्कृति-संवर्धन के लिए प्रयत्नशील रही हुई एक महत्त्वपूर्ण संस्था के रूप में
भी लोग इसे जानते हैं। ’श्री अगस्ति मंदिर मंदिर ट्रस्ट’ इस नाम से यह संस्था कार्यरत है। इस
मंदिर के पीछे एक बहुत बडी और वैभवशाली परंपरा रही है।
कई साल पहले अपना इकलौता बेटा प्लेग में खोने के बाद श्रीमंत दगडूशेठ और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई, इन
दोनों ने इस गणेश मूर्ती की स्थापना की थी। उसके बाद अब हर साल ना केवल श्री दगडूशेठ का परिवार
बल्कि आसपास के सभी लोग भाव-भक्ती से और बडे जोश के साथ गणेशोत्सव मनाते रहे।
प्रमुख त्यौहार और उत्सव
- अगस्त्य मूर्ति स्थापना 21-2-59 वर्षगांठ दिवस
- महाशिवरात्रि महोत्सव, अगस्त नाम सप्ताह, शासकीय महापूजा
- अगस्त्य जन्म समारोह (तीन दिवसीय यात्रा)
- तुकाराम बीज महोत्सव
- शुद्ध पाड़वा ध्वजारोहण
- श्री राम जन्मोत्सव
- हनुमान जयंती
- संत गोरोबा काका कीर्तन समारोह
- अगस्त्य तारे का अस्त और पर्जन्य याग
- आषाढ़ी एकादशी उत्सव
- संत नामदेव और सावता माली सप्ताह
- पूरे श्रावण मास में सत्यनारायण पूजा महोत्सव
- अगस्त्य तारे का उदय और नदी जल पूजन
- गणेशोत्सव
- काकड़ा आरती महोत्सव
- लक्ष्मी नारायण मूर्ति महोत्सव
- त्रिपुरी पूर्णिमा दीपोत्सव
- गुरु पूर्णिमा
- दशहरा उत्सव
- दीपावली उत्सव
- प्रत्येक पखवाड़े की एकादशी
- सोमवती अमावस्या
- मकर संक्रांति स्नान
- अधिक मास में अगस्त नाम सप्ताह
- ऋषि पंचमी
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